قُلْ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلْكَـٰفِرُونَ ﴿١﴾
(ऐ रसूल) आप कह दें: ऐ अल्लाह का इनकार करने वालो!
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मक्की · 6 आयतें
قُلْ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلْكَـٰفِرُونَ ﴿١﴾
(ऐ रसूल) आप कह दें: ऐ अल्लाह का इनकार करने वालो!
لَآ أَعْبُدُ مَا تَعْبُدُونَ ﴿٢﴾
मैं उन मूर्तियों की न वर्तमान में इबादत करता हूँ और न भविष्य में इबादत करूँ गा, जिन्हें तुम पूजते हो।
وَلَآ أَنتُمْ عَـٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُ ﴿٣﴾
और न तुम उसकी इबादत करने वाले हो, जिसकी मैं इबादत करता हूँ; और वह अकेला अल्लाह है।
وَلَآ أَنَا۠ عَابِدٌۭ مَّا عَبَدتُّمْ ﴿٤﴾
और न मैं उन मूर्तियों की इबादत करने वाला हूँ, जिनकी तुमने पूजा की है।
وَلَآ أَنتُمْ عَـٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُ ﴿٥﴾
और न तुम उसकी इबादत करने वाले हो, जिसकी मैं इबादत करता हूँ; और वह अकेला अल्लाह है। لكم دينكم ولىدين
لَكُمْ دِينُكُمْ وَلِىَ دِينِ ﴿٦﴾
तुम्हारे लिए तुम्हारा धर्म है, जिसे तुमने खुद के लिए ईजाद किया है और मेरे लिए मेरा धर्म है, जिसे अल्लाह ने मेरे ऊपर उतारा है। स्रोत:अल-मुख़्तसर फ़ी तफ़सीरिल क़ु रआनिल करीम
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