होमतफ़सीरAl-Kawthar (108)

तफ़सीर Al-Kawthar (108) — الكوثر

मक्की · 3 आयतें

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إِنَّآ أَعْطَيْنَـٰكَ ٱلْكَوْثَرَ ﴿١﴾

(ऐ रसूल) हमने आपको ढेर सारी भलाई प्रदान की है, और उसी में से एक जन्नत में कौसर नहर भी है।

فَصَلِّ لِرَبِّكَ وَٱنْحَرْ ﴿٢﴾

अतः आप इस नेमत पर अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हुए केवल उसी के लिए नमाज़ पढ़ें और क़ुर्बानी करें; मुश्रिकों के प्रचलन के विपरीत जो अपनी मूर्तियों की निकटता प्राप्त करने के लिए बलि देते हैं।

إِنَّ شَانِئَكَ هُوَ ٱلْأَبْتَرُ ﴿٣﴾

निःसंदेह आपसे द्वेष रखने वाला ही हर भलाई से वंचित और भुलाया हुआ है, जिसे यदि याद किया जाता है, तो बुराई के साथ याद किया जाता है। स्रोत:अल-मुख़्तसर फ़ी तफ़सीरिल क़ु रआनिल करीम

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