( الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي عَافَانِي فِي جَسَدِي، وَرَدَّ عَلَيَّ رُوحِي، وَأَذِنَ لي بِذِكْرِهِ )
3. (सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जिसने मेरे बदन को हर प्रकार की बीमारियों से पाक रखा, मेरे प्राण को मेरे शरीर में लौटा दिया और मुझे अपने ज़िक्र की इजाज़त दी।) (1) ............................ (1) तिर्मिज़ीः5/473, हदीस संख्याः3401 और देखिएः सह़ीह़-तिर्मिज़ीः3/144
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham