( الْحَمْدُ للَّهِ الَّذِي أَحْيَانَا بَعْدَ مَا أَمَاتَنَا، وَإِلَيْهِ النُّشُورُ )
1. (सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जिसने हमें मारने के बाद ज़िन्दा किया और उसी की तरफ उठकर जाना है।) ........................... (1) बुखारी फ़त्ह़ुल-बारी के साथ 11/113
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham