होमअज़कारतस्बीह (सुब्हानल्लाह), तह्मीद (अल्हमदुलिल्लाह), तह्लील (ला इलाहा इल्लल्लाह) और तक्बीर (अल्लाहु अक्बर कहने) की फज़ीलतज़िक्र 4

तस्बीह (सुब्हानल्लाह), तह्मीद (अल्हमदुलिल्लाह), तह्लील (ला इलाहा इल्लल्लाह) और तक्बीर (अल्लाहु अक्बर कहने) की फज़ीलत — ज़िक्र 4

فضل التسبيح و التحميد، و التهليل، و التكبير · हिस्नुल मुस्लिम · 4 / 12

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وَقَالَ صلى الله عليه وسلم: ((لَأَنْ أَقُولَ سُبْحَانَ اللَّهِ، وَالْحَمْدُ لِلَّهِ، وَلاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ، وَاللَّهُ أَكْبَرُ، أَحَبُّ إِلَيَّ مِمَّا طَلَعَتْ عَلَيْهِ الشَّمسُ)).

257. रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमायाः (मेरे नज़्दीक सुबह़ानल्लाह, अल्-ह़म्दु लिल्लाह, ला इला-ह इल्-लल्लाह और अल्लाहु अक्बर कहना उन तमाम चीजों से ज़्यादा मह़बूब है जिन पर सूरज निकलता है।) (1) ........................... (1) मुस्लिमः4/2072, ह़दीस संख्याः2695

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