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तौबा व इस्तिगफार करना (अल्लाह से बख्शिश और माफी माँगना) — ज़िक्र 4

الاستغفار و التوبة · हिस्नुल मुस्लिम · 4 / 6

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وَقَالَ صلى الله عليه وسلم: ((أَقْرَبُ مَا يَكُونُ الرَّبُّ مِنَ الْعَبْدِ فِي جَوْفِ اللَّيْلِ الآخِرِ فَإِنِ اسْتَطَعْتَ أَنْ تَكُونَ مِمَّنْ يَذْكُرُ اللَّهَ فِي تِلْكَ السَّاعَةِ فَكُنْ)).

251. आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमायाः (अल्लाह तआला बन्दे के सबसे क़रीब रात के अन्तिम ह़िस्से में होता है। य़दि तुम उन लोगों में शामिल हो सको जो उस समय अल्लाह को याद करते हैं तो हो जाओ।) (1) ................................ (1) तिर्मिज़ी, हदीस संख्याः3579, नसाईः1/279, हदीस संख्याः572, ह़ाकिमः1/3309,और देखिए सह़ीह़ तिर्मिज़ीः3/183 और जामिउल-उसूलः4/144, तह़क़ीक़ अरनाऊत।

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