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तौबा व इस्तिगफार करना (अल्लाह से बख्शिश और माफी माँगना) — ज़िक्र 5

الاستغفار و التوبة · हिस्नुल मुस्लिम · 5 / 6

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وَقَالَ صلى الله عليه وسلم: ((أَقْرَبُ مَا يَكُونُ الْعَبْدُ مِنْ رَبِّهِ وَهُوَ سَاجِدٌ فَأَكثِرُوا الدُّعَاءَ)).

252. आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमायाः (बन्दा अपने रब से सबसे क़रीब सज्दे की ह़ालत में होता है। तो सज्दे में ज्यादा दुआ किया करो।) (1) ........................... (1) मुस्लिमः1/350, ह़दीस संख्याः482

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