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सुबह और शाम के अज़कार और दुआएँ । — ज़िक्र 12

أذكار الصباح والمساء · हिस्नुल मुस्लिम · 12 / 24

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((بِسْمِ اللَّهِ الَّذِي لاَ يَضُرُّ مَعَ اسْمِهِ شَيْءٌ فِي الْأَرْضِ وَلاَ فِي السّمَاءِ وَهُوَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ)) (ثلاثَ مرَّاتٍ).

86. (अल्लाह के नाम के साथ, जिसके नाम के साथ ज़मीन और आस्मान में कोई चीज़ नुक़सान नहीं पहुंचाती और वही सुनने वाला और जानने वाला है।) (तीन बार) (1) ................................ (1) जो व्यक्ती इस दुआ को तीन बार सुबह़ के समय एवं तीन बार शाम के समय पढ़ेगा, उसे कोई चीज़ नुक़सान नहीं पहुंचा सकती। अबू-दाऊदः 4/323,हदीस संख्याः5088, तिर्मिज़ीः5/465, हदीस संख्याः3388, इब्ने माजा हदीस संख्याः3869, अह़मद, हदीस संख्याः446, देखिएः सह़ीह इब्ने माजाः2/332, शैख़ इब्ने बाज़ ने इसकी सनद को तोह़फतुल-अख़्यार पृष्ठ संख्याः39 में ह़सन कहा है।

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