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सुबह और शाम के अज़कार और दुआएँ । — ज़िक्र 11

أذكار الصباح والمساء · हिस्नुल मुस्लिम · 11 / 24

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((اللَّهُمَّ عَالِمَ الغَيْبِ وَالشَّهَادَةِ فَاطِرَ السَّمَوَاتِ وَالْأَرْضِ، رَبَّ كُلِّ شَيْءٍ وَمَلِيكَهُ، أَشْهَدُ أَنْ لاَ إِلَهَ إِلاَّ أَنْتَ، أَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّ نَفْسِي، وَمِنْ شَرِّ الشَّيْطانِ وَشَرَكِهِ، وَأَنْ أَقْتَرِفَ عَلَى نَفْسِي سُوءاً، أَوْ أَجُرَّهُ إِلَى مُسْلِمٍ)).

85. (ऐ अल्लाह! ऐ ग़ैब तथा ह़ाज़िर को जानने वाले! आस्मानों और ज़मीन को पैदा करने वाले! हर चीज़ के पालनहार औऱ मालिक! मैं गवाही देता हूं कि तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं। मैं तेरी पनाह मांगता हूं अपने नफ़्स के शर से, शैतान के शर से, उसके शिर्क से और इस बात से कि मैं अपनी जान पर कोई बुराई करूं या किसी और मुसलमान के लिए बुराई का कारण बनूं।) (1) ............................... (1) तिर्मिज़ी हदीस संख्याः3392, अबू-दाऊद हदीस संख्याः5067, देखिएः सह़ीह़ तिर्मिज़ीः3/142

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