होमतफ़सीरAl-Ikhlaas (112)

तफ़सीर Al-Ikhlaas (112) — الإخلاص

मक्की · 4 आयतें

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قُلْ هُوَ ٱللَّهُ أَحَدٌ ﴿١﴾

(ऐ रसूल!) आप कह दें: वह अल्लाह पूज्यता में अकेला है, उसके अलावा कोई पूज्य नहीं है।

ٱللَّهُ ٱلصَّمَدُ ﴿٢﴾

अल्लाह वह सरदार है, जिसपर पूर्णता और सुंदरता के गुणों में सरदारी का अंत है, जिसके सामने सभी प्राणी अपनी ज़रूरतें रखती हैं। لم يلد ولم يولد

لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ ﴿٣﴾

जिसने न किसी को जन्म दिया और न उसे किसी ने जन्म दिया। अतः अल्लाह की न कोई संतान है और न पिता। ولم يكن له كفوا أحد

وَلَمْ يَكُن لَّهُۥ كُفُوًا أَحَدٌۢ ﴿٤﴾

और उसकी मख़लूक़ में कोई भी उसके समान नहीं है। स्रोत:अल-मुख़्तसर फ़ी तफ़सीरिल क़ु रआनिल करीम

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