होमअज़कारमैयित की आँखें बन्द करते समय की दुआज़िक्र 1

मैयित की आँखें बन्द करते समय की दुआ — ज़िक्र 1

الدعاء عند إغماض الميت · हिस्नुल मुस्लिम · 1 / 1

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((اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِفُلاَنٍ (بِاسْمِهِ) وَارْفَعْ دَرَجَتَهُ فِي الْمَهْدِيِّينَ، وَاخْلُفْهُ فِي عَقِبِهِ فِي الْغَابِرِينَ، وَاغْفِرْ لَنَا وَلَهُ يَا رَبَّ الْعَالَمِينَ، وَافْسَحْ لَهُ فِي قَبْرِهِ، وَنَوِّرْ لَهُ فِيهِ)).

155. (ऐ अल्लाह! अमुक को (उसका नाम लेकर कहे) बख़्श दे, हिदायत पाने वालों में उसका दर्जा (पद) बुलन्द कर और उसकेे बाद उसके पीछे रहने वालों में तू उसका जा-नशीन (प्रतिनिधि) बन जा। ऐ सारे जहान वालों के रब! हमें और इसे बख़्श दे, इसके लिए इसकी क़ब्र को फैला दे और इसके लिए उसमें रौशनी कर दे।) (1) ................................. (1) मुस्लिमः2/634, हदीस संख्याः920

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