((جَعَلَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم عِنْدَ مَوْتِهِ يُدْخِلُ يَدَيْهِ فِي الْمَاءِ فَيَمْسَحُ بِهِمَا وَجْهَهُ، وَيَقُولُ: لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ إِنَّ لِلْمَوْتِ سَكَرَاتٍ)).
151. (रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम वफात के समय अपने दोनों हाथों को पानी में डाल कर अपने चेहरे पर फेरने लगे और कहने लगेः अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, बेशक मौत की कुछ सख्तियां हैं।) (1) .............................. (1) बुखारी फ़त्ह़ुल-बारी के साथः8/144, ह़दास संख्याः4449, इस ह़दीस में मिस्वाक का भी उल्लख है।
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham