((اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ عِلْماً نافِعاً، وَرِزْقاً طَيِّباً، وَعَمَلاً مُتَقَبَّلاً)) بَعْدَ السّلامِ مِنْ صَلاَةِ الفَجْرِ.
73. (ऐ अल्लाह! मैं तुझसे लाभ देने वाला इल्म, पाकीज़ा रोज़ी और क़बूल होने वाले अमल का सवाल करता हूं।) फज्र की नमाज़ से सलाम फेरने के बाद पढ़े। (1) ....................... (1) इब्ने माजाः925, नसाई की अमलुल-यौमे वल-लैला हदीस संख्याः102, देखिएः सह़ीह़ इब्ने माजाः1/152 और मजमउज़-ज़्वाइदः10/111, ये रिवायत आगे दुआ संख्याः95 में आ रही है।
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham