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तौबा व इस्तिगफार करना (अल्लाह से बख्शिश और माफी माँगना) — ज़िक्र 2

الاستغفار و التوبة · हिस्नुल मुस्लिम · 2 / 6

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وَقَالَ صلى الله عليه وسلم: ((يَا أَيُّهَا النَّاسُ تُوبُوا إِلَى اللَّهِ فَإِنِّي أَتُوبُ فِي الْيَوْمِ إِلَيْهِ مِائَةَ مَرَّةٍ)).

249. नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमायाः (ऐ लोगो! अल्लाह के सामने तौबा करो, मैं दिन में सौ मर्तबा उसके सामने तौबा करता हूं।) (1) ........................... (1) मुस्लिमः4/2076, ह़दीस संख्याः2702

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