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तौबा व इस्तिगफार करना (अल्लाह से बख्शिश और माफी माँगना) — ज़िक्र 1

الاستغفار و التوبة · हिस्नुल मुस्लिम · 1 / 6

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قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم: ((وَاللَّهِ إِنِّي لأَسْتَغفِرُ اللَّهَ وَأَتُوبُ إِلَيْهِ فِي الْيَوْمِ أَكْثَرَ مِنْ سَبْعِينَ مَرَّةٍ)).

148. रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमायाः (अल्लाह की क़सम, मैं दिन में सत्तर मर्तबा से ज़यादा अल्लाह से बख़्शिश मांगता हूं और उसके सामने तौबा करता हूं।) (1) ....................... (1) बुख़ारी फ़त्ह़ुल्-बारी के साथः11/101, हदीस संख्याः6307

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