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सलाम को फैलाना — ज़िक्र 3

إفشاء السلام · हिस्नुल मुस्लिम · 3 / 3

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وَعَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا: أنَّ رَجُلاً سَأَلَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أيُّ الْإِسْلاَمِ خَيْرٌ قَالَ: ((تُطْعِمُ الطَّعَامَ، وَتَقْرأُ السَّلاَمَ عَلَى مَنْ عَرَفْتَ وَمَنْ لَمْ تَعْرِفْ)).

226. अब्दुल्लाह बिन उमर रज़ियल्लाहु अन्हुमा फ़रमाते हैं कि एक आदमी ने रसूलुल्लाह से सवाल किया कि इस्लाम का कौन सा काम सबसे बेहतर है? आप ने फरमायाः (यह कि तुम खाना खिलाओ और जिसे पहचानते हो उसे तथा जिसे नहीं पहचानते हो सबको सलाम करो।) (1) ............................. (1) बुख़ारी फ़त्ह़ुल्-बारी के साथः1/55, हदीस संख्याः12, मुस्लिमः1/65, ह़दीस संख्याः39

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