وَقَالَ صلى الله عليه وسلم:((إِنَّ لِلَّهِ مَلاَئِكَةً سَيَّاحِينَ فِي الْأَرْضِ يُبَلِّغُونِي مِنْ أُمَّتِي السَّلاَمَ)).
222. रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमायाः (अल्लाह तआला के कुछ ऐसे फ़रिश्ते हैं जो ज़मीन में घूमते फिरते हैं, वह मेरी उम्मत के लोगों का सलाम मुझे पहुंचाते हैं।) (1) ......................... (1) नसाईः3/43, ह़दीस संख्याः1282, ह़ाकिमः2/421, और शैख़ अल्बानी ने इसे सह़ीह़ नसाईः1/274 में सह़ीह़ कहा है।
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham