होमअज़कारसुबह और शाम के अज़कार और दुआएँ ।ज़िक्र 9

सुबह और शाम के अज़कार और दुआएँ । — ज़िक्र 9

أذكار الصباح والمساء · हिस्नुल मुस्लिम · 9 / 24

पढ़ें · सुनेंPDF फ़ाइल

((حَسْبِيَ اللَّهُ لاَ إِلَهَ إِلاَّ هُوَ عَلَيهِ تَوَكَّلتُ وَهُوَ رَبُّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ)) (سَبْعَ مَرّاتٍ).

83. (मुझे अल्लाह ही काफी है। उसके सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, मैंंने उसी पर भरोसा किया और वह अ़र्शे अ़ज़ीम का रब है।) (सात बार) (1) ..................................... (1) जो आदमी इस दुआ को सात बार सुबह़ और सात बार शाम को पढ़ेगा, अल्लाह उसके दुनिया औऱ आख़िरत के कामों के लिए काफ़ी होगा। नसाई की अ़मलुल-यौमे वल-लैला,हदीस संख्याः22, इसे इब्नुस्-सुन्नी (हदीस संख्याः69) ने मर्फ़ू और अबू दाऊद ( 4/324, हदीस संख्याः5092) ने मौक़ूफ़ तौर पर रिवायत कियी है।और शोऐब एवं अब्दुल क़ादिर अरनाऊत ने इसकी सनद को सह़ीह़ कहा है। देखिएः ज़ादुल- मआदः2/376

सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham

अज़कार · 15 भाषाएँ