((الْحَمْدُ لِلَّهِ حَمْداً كَثِيراً طَيِّباً مُبَارَكاً فِيهِ، غَيْرَ [مَكْفِيٍّ وَلاَ ] مُوَدَّعٍ، وَلاَ مُسْتَغْنَىً عَنْهُ رَبَّنَا)).
181. (तमाम तारीफ़ अल्लाह के लिए है, बहुत ज़्यादा, पाकीज़ा और बरकत वाली तारीफ़, जिसे न काफी समझा गया है,न छोड़ा जा सकता है और न जिससे बेपरवाही बरती जा सकती है, ऐ हमारे रब!) (1) ............................. (1) बुखारीः6/214, ह़दीस संख्याः5458, तिर्मिज़ी ,हदीस संख्याः5/507, ह़दीस संख्याः3456, शब्द तिर्मिज़ी के हैं।
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham