((اللَّهُمَّ اكْفِنِي بِحَلاَلِكَ عَنْ حَرَامِكَ، وَأَغْنِنِي بِفَضْلِكِ عَمَّنْ سِوَاكَ)).
136. (ऐ अल्लाह! मेरे लिए अपनी ह़लाल चीज़ों के साथ अपनी ह़राम चीजों से काफी हो जा और मुझे अपने फ़ज़्ल व करम द्वारा अपने सिवा सभी लोगों से बेनियाज़ कर दे।) (1) .................................... (1) तिर्मिज़ीः5/560, ह़दीस संख़्याः3563, और देखिएः सह़ीह़ तिर्मिज़ीः3/180
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham