((اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْهَمِّ وَالْحَزَنِ، وَالْعَجْزِ وَالْكَسَلِ، وَالْبُخْلِ وَالْجُبْنِ، وَضَلَعِ الدَّيْنِ وَغَلَبَةِ الرِّجَالِ)).
137. (ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह मांगता हूं परेशानी से, ग़म से, आजिज़ हो जाने से, सुस्ती एवं काहिली से, कन्जूसी से, बुज़्दिली से तथा क़र्ज़ (ऋन) के बोझ एवं लोगों के ग़ल्बे से।) (1) ..................................... (1) बुखारीः7/158. ह़दीस संख्याः2893,ये रिवायत पृष्ठः83, दुआ संख्याः121 में गुज़र चुकी है।
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham