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जिसे अपने ईमान में शक होने लगे तो वह यह दुआ पढ़े — ज़िक्र 3

دعاء من أصابه وسوسة في الإيمان · हिस्नुल मुस्लिम · 3 / 3

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((يَقْرَأُ قَوْلَهُ تَعَالَى: ﴿هُوَ الْأوَّلُ وَالْآخِرُ وَالظّاهِرُ وَالْباطِنُ وَهُوَ بِكُلِّ شَيْءٍ عَلِيمٌ﴾)).

135. अल्लाह तआला का यह फ़रमान पढ़ेः (वही प्रथम है, वही अंतिम है, वही ज़ाहिर है, वही छिपा है और वह हर चीज़ को जानने वाला है।) (1) .................................. (1) सूरा ह़दीद, आयत संख्याः3, अबू दीऊदः4/329, ह़दीस संख्याः5110, शैख़ अल्बानी ने इसे सह़ीह़ अबू दाऊदः3/962 में ह़सन कहा है।

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