((اللَّهُمَّ أَنْتَ عَضُدِي، وَأَنْتَ نَصِيرِي، بِكَ أَحُولُ وَبِكَ أَصُولُ، وَبِكَ أُقاتِلُ)).
127. (ऐ अल्लाह! तू ही मेरा बाज़ू (सहायक) है और तू ही मेरा मददगार है। तेरी ही मदद से दुश्मन की चालों को रोकता हूं और तेरी ही तौफ़ीक़ से मैं ह़मला करता हूं और तेरी ताक़त के साथ ही मैं दुश्मन से लड़ता हूं।) (1) ......................... (1) अबू दीऊदः3/42, ह़दीस संख्याः2632, तिर्मज़ीः5/572, ह़दीस संख़्याः3584, और देखिएः सह़ीह़ तिर्मिज़ीः3/183
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham