((اللَّهُمَّ اكْتُبْ لِي بِهَا عِنْدَكَ أَجْراً، وَضَعْ عَنِّي بِهَا وِزْراً، وَاجْعَلْهَا لِي عِنْدَكَ ذُخْراً، وَتَقَبَّلْهَا مِنِّي كَمَا تَقَبَّلْتَهَا مِنْ عَبْدِكَ دَاوُدَ)).
51. (ऐ अल्लाह! इस सज्दे के बदले में मेरे लिए अपने पास सवाब लिख दे, इसके द्वारा मेरे ऊपर से गुनाहों का बोझ उतार दे, इसे मेरे लिए अपने पास नेकियों का ख़ज़ाना बना दे और इसे मेरी तरफ से इस तरह़ क़बूल कर ले, जिस तरह़ तूने अपने बन्दे दाऊद अलैहिस्-सलाम की ओर से क़बूल किया था। (1) ...................... (1) तिर्मिज़ीः2/473,हदीस संख्याः579, हाकिम ने इसे रिवायत करके सह़ीह़ कहा है औऱ इमाम ज़ह्बी ने इस बात की पुष्टि की है 1/219
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham