((اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي، وَارْحَمْنِي، وَاهْدِنِي، وَاجْبُرْنِي، وَعَافِنِي، وَارْزُقْنِي، وَارْفَعْنِي)).
49. (ऐ अल्लाह! मुझे बख़्श दे, मुझ पर रह़म कर, मुझे हिदायत दे, मेरे नुक़्सान पूरे कर दे, मुझे आफ़ियत दे, मुझे रोज़ी दे और मुझे बुलन्द कर।) (1) .................... (1) अबू दाऊदः1/231, हदीस संख्याः850, तिर्मिज़ी ,हदीस संख्याः284,285, इब्ने माजा, हदीस संख्याः898, और देखिएः सह़ीह़ तिर्मिजीः1/90, सह़ीह़ इब्ने माजाः1/148
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham