होमअज़कारतस्बीह (सुब्हानल्लाह), तह्मीद (अल्हमदुलिल्लाह), तह्लील (ला इलाहा इल्लल्लाह) और तक्बीर (अल्लाहु अक्बर कहने) की फज़ीलतज़िक्र 7

तस्बीह (सुब्हानल्लाह), तह्मीद (अल्हमदुलिल्लाह), तह्लील (ला इलाहा इल्लल्लाह) और तक्बीर (अल्लाहु अक्बर कहने) की फज़ीलत — ज़िक्र 7

فضل التسبيح و التحميد، و التهليل، و التكبير · हिस्नुल मुस्लिम · 7 / 12

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وَقَالَ صلى الله عليه وسلم: ((يَا عَبْدَ اللَّهِ بْنَ قَيْسٍ أَلاَ أَدُلُّكَ عَلَى كَنْزٍ مِنْ كُنُوزِ الْجَنَّةِ))؟ فَقُلْتُ: بَلَى يَا رَسُولَ اللَّهِ، قَالَ: ((قُلْ لاَ حَوْلَ وَلاَ قُوَّةَ إِلاَّ بِاللَّهِ)).

260. रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमायाः (ऐ अ़ब्दुल्लाह बिन क़ैस! क्या मैं तुझे जन्नत के ख़ज़ानों में से एक ख़ज़ाना न बताऊँ?) मैं ने कहा ऐ अल्लाह के रसूल! क्यों नहीं? ज़रूर बताएं। आप ने फ़रमायाः (तुम कहोः अल्लाह की तौफ़ीक़ के बिना न गुनाह से बचने की हिम्मत है, न नेकी करने की ताक़त।) (1) ............................ (1) बुख़ारी फ़त्ह़ुल-बारी के साथः11/213, हदीस संख्याः4206, मुस्लिमः4/2076, ह़दीस संख्याः2704

सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham

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