وَقَالَ صلى الله عليه وسلم: ((يَا عَبْدَ اللَّهِ بْنَ قَيْسٍ أَلاَ أَدُلُّكَ عَلَى كَنْزٍ مِنْ كُنُوزِ الْجَنَّةِ))؟ فَقُلْتُ: بَلَى يَا رَسُولَ اللَّهِ، قَالَ: ((قُلْ لاَ حَوْلَ وَلاَ قُوَّةَ إِلاَّ بِاللَّهِ)).
260. रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमायाः (ऐ अ़ब्दुल्लाह बिन क़ैस! क्या मैं तुझे जन्नत के ख़ज़ानों में से एक ख़ज़ाना न बताऊँ?) मैं ने कहा ऐ अल्लाह के रसूल! क्यों नहीं? ज़रूर बताएं। आप ने फ़रमायाः (तुम कहोः अल्लाह की तौफ़ीक़ के बिना न गुनाह से बचने की हिम्मत है, न नेकी करने की ताक़त।) (1) ............................ (1) बुख़ारी फ़त्ह़ुल-बारी के साथः11/213, हदीस संख्याः4206, मुस्लिमः4/2076, ह़दीस संख्याः2704
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham