होमअज़कारतस्बीह (सुब्हानल्लाह), तह्मीद (अल्हमदुलिल्लाह), तह्लील (ला इलाहा इल्लल्लाह) और तक्बीर (अल्लाहु अक्बर कहने) की फज़ीलतज़िक्र 1

तस्बीह (सुब्हानल्लाह), तह्मीद (अल्हमदुलिल्लाह), तह्लील (ला इलाहा इल्लल्लाह) और तक्बीर (अल्लाहु अक्बर कहने) की फज़ीलत — ज़िक्र 1

فضل التسبيح و التحميد، و التهليل، و التكبير · हिस्नुल मुस्लिम · 1 / 12

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قَالَ صلى الله عليه وسلم مَنْ قَالَ: سُبْحَانَ اللَّهِ وَبِحَمْدِهِ فِي يَوْمٍ مِائَةَ مَرَّةٍ حُطَّتْ خَطَايَاهُ وَلَوْ كَانَتْ مِثْلَ زَبَدِ الْبَحْر)).

254. (आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमायाः जो अादमी दिन में सौ बार ये कहेः 'पाक है अल्लाह अपनी तारीफ़ के साथ', उसके गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं चाहे वो समुन्दर के झाग के बराबर क्यों न हों।) (1) ............................ (1) बुख़ारीः7/168, हदीस संख्याः6405, मुस्लिमः4/2071, ह़दीस संख्याः2691, सुबह़-शाम इस दुआ को सै बार पढ़ने की फ़ज़ीलत के लिए देखिए इसी किताब की पृष्ठ संख्याः65

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