((ضَعْ يَدَكَ عَلَى الَّذِي تَألَّمَ مِنْ جَسَدِكَ وَقُلْ: بِسْمِ اللَّهِ، ثَلاَثاً، وَقُلْ سَبْعَ مَرَّاتٍ: أَعُوذُ بِاللَّهِ وَقُدْرَتِهِ مِنْ شَرِّ مَا أَجِدُ وَأُحَاذِرُ)).
243. (जिस्म के जिस भाग में कष्ट हो उस पर अपना हाथ रखो और तीन बार कहोः 'अल्लाह के नाम से', और सात बार कहोः 'मैं अल्लाह तआला और उसकी क़ुदरत की पनाह पकड़ता हूं उस चीज़ की बुराई से, जो मैं पाता हूं और जिससे डरता हूं।') (1) ......................... (1) मुस्लिमः4/1728, ह़दीस संख्याः2202
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham