((زَوَّدَكَ اللَّهُ التَّقْوَى، وَغَفَرَ ذَنْبَكَ، وَيَسَّرَ لَكَ الخَيْرَ حَيْثُ ما كُنْتَ)).
213. (अल्लाह तआला तुझे तक़वा प्रदान करे, तेरे गुनाह माफ कर दे और तू जहां कहीं भी रहे तेरे लिए भलाई आसान कर दे।) (1) ........................ (1) तिर्मज़ी, ह़दीस संख़्याः3444, देखिए- सह़ीह़ तिर्मज़ीः3/155
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham