(( أَسْتَوْدِعُ اللَّهَ دِينَكَ، وَأَمَانَتَكَ، وَخَوَاتِيمَ عَمَلِكَ)).
212. (मैं तेरे दीन, तेरी अमानत औऱ तेरे अन्तिम कर्म को अल्लाह के ह़वाले करता हूं।) (1) ............................. (1) अह़मदः2/7 ह़दीस संख्याः4524, तिर्मज़ीः5/499 ह़दीस संख़्याः3443, और शैख़ अल्बानी ने इसे सह़ीह़ तिर्मज़ीः3/419 में सह़ीह़ कहा है।
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham