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सोने के समय की दुआएँ । — ज़िक्र 9

أذكار النوم · हिस्नुल मुस्लिम · 9 / 13

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((اللَّهُمَّ رَبَّ السَّمَوَاتِ السَّبْعِ وَرَبَّ الأَرْضِ، وَرَبَّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ، رَبَّنَا وَرَبَّ كُلِّ شَيْءٍ، فَالِقَ الْحَبِّ وَالنَّوَى، وَمُنْزِلَ التَّوْرَاةِ وَالْإِنْجِيلِ، وَالْفُرْقَانِ، أَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّ كُلِّ شَيْءٍ أَنْتَ آخِذٌ بِنَاصِيَتِهِ. اللَّهُمَّ أَنْتَ الأَوَّلُ فَلَيْسَ قَبْلَكَ شَيْءٌ، وَأَنْتَ الآخِرُ فَلَيسَ بَعْدَكَ شَيْءٌ، وَأَنْتَ الظَّاهِرُ فَلَيْسَ فَوْقَكَ شَيْءٌ، وَأَنْتَ الْبَاطِنُ فَلَيْسَ دُونَكَ شَيْءٌ، اقْضِ عَنَّا الدَّيْنَ وَأَغْنِنَا مِنَ الْفَقْرِ)).

107. (ऐ अल्लाह! ऐ सातों आस्मानों के रब और अर्शे अज़ीम के रब! ऐ हमारे और हर चीज़ के रब! दाने और गुठली को फाड़ने वाले! तौरात, इन्जील और फुरक़ान (क़ुरआन) उतारने वाले! मैं हर उस चीज़ की बुरीई तथा शर से तेरी पनाह चाहता हूं, जिसकी पेशानी तू पकड़े हुए है। ऐ अल्लाह! तू ही प्रथम है, तुझसे पहले कोई चीज़ नहीं और तू ही अन्तिम है, तेरे बाद कोई चीज़ नहीं। तू ही ज़ाहिर है, तुझसे ऊपर कोई चीज़ नहीं और तू ही बातिन (छिपा) है, तुझसे छिपी कोई चीज़ नहीं। हमारा क़र्ज़ अदा कर दे और हमें मुह़ताजगी से (निकाल कर) ग़नी कर दे।) (1) ............................ (1) मुस्लिमः4/2084, ह़दीस संख्याः2713

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