((الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنَا وَسَقَانَا، وَكَفَانَا، وَآوَانَا، فَكَمْ مِمَّنْ لاَ كَافِيَ لَهُ وَلاَ مُؤْوِيَ)).
108. (सब तारीफ़ अल्लाह के लिए है, जिसने हमें खिलाया, पिलाया, हमारे लिए काफ़ी हो गया और हमें ठिकाना दिया। कितने लोग ऐसे हैं जिन्हें कोई किफ़ायत करने वाला नहीं और न ही कोई ठिकाना देने वाला है।) (1) ............................. (1) मुस्लिमः4/2085, ह़दीस संख्याः2715
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham