होमअज़कारवह दुआ जिसे पढ़ने से आदमी दज्जाल के फित्ने से मह्फूज़ रहता हैज़िक्र 1

वह दुआ जिसे पढ़ने से आदमी दज्जाल के फित्ने से मह्फूज़ रहता है — ज़िक्र 1

ما يعصم الله به من الدجال · हिस्नुल मुस्लिम · 1 / 1

पढ़ें · सुनेंPDF फ़ाइल

((مَنْ حَفِظَ عَشْرَ آيَاتٍ مِنْ أَوَّلِ سُورَةِ الْكَهْفِ عُصِمَ مِنَ الدَّجَّالِ)) ، وَالْاسْتِعَاذَةُ بِاللَّهِ مِنْ فِتْنَتِهِ عَقِبَ التَّشَهُّدِ الْأَخِيرِ مِنْ كُلِّ صَلاَةٍ.

199. (जो आदमह सूरा कहफ़ के शुरू की दस आयतें याद कर ले वह दज्जाल से सुरक्षित रहेगा।) (1) हर नमाज़ के अन्तिम तशह्हुद के अन्त में दज्जाल के फ़ितने से पनाह मांगना। (2) .................................... (1) मुस्लिमः1/555, ह़दीस संख्याः809 और एक रिवायत में हैःसूरा कहफ़ की अन्तिम दस आयतें। मुस्लिमः1/556, ह़दीस संख्याः809 (2) देखिए इसी किताब में दूआ संख्याः55,56, पृष्ठः41

सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham

अज़कार · 15 भाषाएँ