((اللَّهُمَّ اجْعَلْهُ لَنَا فَرَطاً، وَسَلَفاً، وَأَجْراً)).
161. (ऐ अल्लाह! इसे पहले जाकर मेहमान नवाज़ी की तैय़ारी करने वाला, पेशरव और सवाब का ज़रिया बना दे।) (1) ...................................... (1) ह़सन बसरी बच्चे के जनाज़े पर सूरा फ़ातिह़ा और यह दुआ पढ़ते थे। बग़वी की किताब शरह़ुस-सुन्नाः5/357, अब्दुर रज़्ज़ाक़, हदीस संख्याः6588, बुखारी ने इसे किताबुल-जनाइज़, 65 जनाज़े पर फ़ातिह़ा पढ़ने का बाब में मुअ़ल्लक़ जि़क्र किया है। 2/113, हदीस संख्याः1335 से पहले।
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham