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बच्चों को किन कलिमात के साथ अल्लाह की पनाह में दिया जाए — ज़िक्र 1

ما يعوذ به الأولاد · हिस्नुल मुस्लिम · 1 / 1

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كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يُعَوِّذُ الحَسَنَ وَالحُسَينَ رضي الله عنهما ((أُعِيذُكُمَا بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّةِ مِنْ كُلِّ شَيْطَانٍ وَهَامَّةٍ، وَمِنْ كُلِّ عَيْنٍ لاَمَّةٍ)).

146. रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ह़सन और ह़ुसैन रज़ियल्लाहु अन्हुमा को इन कलिमात के साथ अल्लाह की पनाह में दिया करते थेः (मैं तुम दोनों को हर शैतान और ज़हरीले जानवर से और हर लग जाने वाली नज़र से अल्लाह के पूर्ण शब्दों की पनाह में देता हूं।) (1) ................................ (1) बुखारीः4/119, ह़दास संख्याः3371, इब्ने अ़ब्बास रज़ियल्लाहु अन्हुमा की ह़दीस।

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