((يُصَلِّي عَلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بَعْدَ فَرَاغِهِ مِنْ إِجَابَةِ الْمُؤَذِّنِ)).
24. (मुअज़्ज़िन के जवाब से फ़ारिग़ होकर रसूलुल्लाह पर सलात (दरूदे मस्नून) पढ़े) (1) .................... (1) मुस्लिमः1/288, हदीस संख्याः384,
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham