होमअज़कारअनेक प्रकार की नेकियाँ और जामिअ आदाबज़िक्र 1

अनेक प्रकार की नेकियाँ और जामिअ आदाब — ज़िक्र 1

من أنواع الخير والآداب الجامعة · हिस्नुल मुस्लिम · 1 / 1

पढ़ें · सुनेंPDF फ़ाइल

قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ((إِذَا كَانَ جُنْحُ اللَّيْلِ – أَوْ أَمْسَيْتُم – فَـكُفُّوا صِبْيانَـكُم، فَإِنَّ الشَّيَاطِينَ تَنْتَشِرُ حِينَئِذٍ، فَإِذَا ذَهَبَ سَاعَةٌ مِنَ اللَّيلِ فَخَلُّوهُمْ، وَأَغْلِقُوا الأَبْوَابَ وَاذْكُرُوا اسْمَ اللَّهِ؛ فَإِنَّ الشَّيطَانَ لاَ يَفْتَحُ بَاباً مُغلَقاً، وَأَوْكُوا قِرَبَكُمْ، وَاذْكُرُوا اسْمَ اللَّهِ، وَخَمِّرُوا آنِيَتَكُم، وَاذْكُرُوا اسْمَ اللَّهِ، وَلَوْ أَنْ تَعْرُضُوا عَلَيْهَا شَيْئاً، وَأَطْفِئُوا مَصَابِيحَكُمْ)).

267. नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमायाः (जब रात का अन्धेरा छा जाए -या शाम हो जाए- तो अपने बच्चों को रोक लिया करो, क्योंकि उस समय शैतान फैलते हैं। जब रात का कुछ ह़िस्सा बीत जाए तो उन्हें छोड़ दो और बिस्मिल्लाह कह कर दरवाज़े बन्द कर लिया करो, क्योंकि शैतान बन्द दरवाज़ा नहीं खोलता, और अल्लाह का नाम लेकर अपने मश्कीजों के मुंह तस्मे से बांध दिया करो, और अल्लाह का नाम लेकर अपने बरतन ढांप दिया करो, (अगर ढांपने के लिए कुछ न मिले तो) उन पर कोई चीज़ ही रख दिया करो और अपने चिराग़ बुझा दिया करो।) (1) ........................ (1) बुख़ारी फ़त्ह़ुल्-बारी के साथः10/88, हदीस संख्याः5623, मुस्लिमः3/1595, ह़दीस संख्याः2012

सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham

अज़कार · 15 भाषाएँ