وَقَالَ صلى الله عليه وسلم: ((لاَ تَجْعَلُوا قَبْرِي عِيداً وَصَلُّوا عَلَيَّ؛ فَإِنَّ صَلاَتَكُم تَبْلُغُنِي حَيْثُ كُنْتُمْ)).
220. रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमायाः (मेरी क़ब्र को मेलागाह न बनाओ और मुझ पर दरूद भेजो। तुम जहां भी हो तुम्हारा दरूद मुझे पहुंच जाता है। (1) ............................... (1) अबू दाऊदः2/218, ह़दीस संख्याः2044, अह़मदः2/367, ह़दीस संख्याः8804, और शैख़ अल्बानी ने इसे सह़ीह़ अबू दाऊदः2/383 में सह़ीह़ कहा है।
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham