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रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर दरूद की फज़ीलत — ज़िक्र 2

فضل الصلاة على النبي صلى الله عليه و سلم · हिस्नुल मुस्लिम · 2 / 5

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وَقَالَ صلى الله عليه وسلم: ((لاَ تَجْعَلُوا قَبْرِي عِيداً وَصَلُّوا عَلَيَّ؛ فَإِنَّ صَلاَتَكُم تَبْلُغُنِي حَيْثُ كُنْتُمْ)).

220. रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमायाः (मेरी क़ब्र को मेलागाह न बनाओ और मुझ पर दरूद भेजो। तुम जहां भी हो तुम्हारा दरूद मुझे पहुंच जाता है। (1) ............................... (1) अबू दाऊदः2/218, ह़दीस संख्याः2044, अह़मदः2/367, ह़दीस संख्याः8804, और शैख़ अल्बानी ने इसे सह़ीह़ अबू दाऊदः2/383 में सह़ीह़ कहा है।

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