होमअज़कारसुबह और शाम के अज़कार और दुआएँ ।ज़िक्र 23

सुबह और शाम के अज़कार और दुआएँ । — ज़िक्र 23

أذكار الصباح والمساء · हिस्नुल मुस्लिम · 23 / 24

पढ़ें · सुनेंPDF फ़ाइल

((أَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّاتِ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ)) (ثلاثَ مرَّاتٍ إذا أمسى).

97. (मैं अल्लाह के पूर्ण शब्दों के साथ उन तमाम चीज़ों की बुराई से पनाह चाहता हूं जो उसने पैदी की हैं।) (शाम के समय तीन बार पढ़े।) (1) ............................... (1) जो आदमी शाम के समय इस दुआ को पढ़ेगा, उसे उस रात कोई ज़हरीला जानवर नुक़्सान नहीं पहुंचएगा। अह़मदः2/290, ह़दीस संख्याः7898,नसाई की अमलुल-यौमे वल-लैला हदीस संख्याः590, इब्नुस्-सुन्नी, ह़दीस संख्याः68, देखिएः सह़ीह़ तिर्मिज़ीः3/187, सह़ीह़ इब्ने माजाः2/266 और शौख़ इब्ने बाज़ की तोह़प़फ़तुल- अख़्यार पृष्ठ संख़्याः45

सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham

अज़कार · 15 भाषाएँ