((اللَّهُمَّ صَلِّ وَسَلِّمْ عَلَى نَبَيِّنَا مُحَمَّدٍ)) (عشرَ مرَّاتٍ).
98. (ऐ अल्लाह! हमारे नबी मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर दरूद व सलान भेज।) (दस बार) (1) ................................ (1) (जो आदमी दस बार सुबह़ को और दस बार शाम को मुझ पर दरूद पढ़ेगा, उसे क़यामत के दिन मेरी शफ़ाअत नसीब होगी।) तबरानी ने इस ह़दीस को दो सनदों से रिवायत किया है, जिन में से एक जैयिद है। देखिएः मजमउज़-ज़वाइदः10/120 और सह़ीह़ुत-तरग़ीब वत-तरहीबः1/273
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham