((بِاسْمِكَ اللَّهُمَّ أَمُوتُ وَأَحْيَا)).
105. (ऐ अल्लाह! मैं तेरे ही नाम से मरता हूं और ज़िन्दा होता हूं।) (1) ............................... (1) बुखारी फ़त्ह़ुल-बारी के साथः11/113, हदीस संख्याः6324, मुस्लिमः4/2083, हदीस संख्याः2711,
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham