((بِسْمِ اللَّهِ، اللَّهُمَّ جَنِّبْنَا الشَّيْطَانَ، وَجَنِّبِ الشَّيْطَانَ مَا رَزَقْتَنَا)).
192. (अल्लाह के नाम से। ऐ अल्लाह! हमें शैतान से बचा और जो (औलाद) हमें अता कर उसे भी शैतान से बचा।) (1) ......................... (1) बुख़ारीः6/141, ह़दीस संख्याः141, मुस्लिमः2/1028, ह़दीस संख्याः1434
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham