((إِذَا عَطَسَ أَحَدُكُم فَلْيَقُلِ الْحَمْدُ لِلَّهِ، وَلْيَقُلْ لَهُ أَخُوهُ أَوْ صَاحِبُهُ: يَرْحَمُكَ اللَّهُ، فَإِذَا قَالَ لَهُ: يَرحَمُكَ اللَّهُ، فَلْيَقُلْ: يَهْدِيكُمُ اللَّهُ وَيُصْلِحُ بَالَكُمْ)).
188. (जब तुम में से किसी को छींक आए तो उसे कहना चाहिएः 'हर प्रकार की तारीफ़ अल्लाह के लिए है'। और उसके दोस्त या भाई को कहना चाहिएः 'अल्लाह तुझ पर रह़म करे'। और जब उसका भाई उसे (अल्लाह तुझ पर रह़म करे।) कहे तो वह उसे यह कहेः 'अल्लाह तुम्हें हिदायत दे औऱ तुम्हारा हाल दुरुस्त करे'।) (1) ......................... (1) बुख़ारीः7/125, ह़दीस संख्याः5870
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham