((اللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِي ثَمَرِنَا، وَبَارِكْ لَنَا فِي مَدِينَتِنَا، وَبَارِكْ لَنَا فِي صَاعِنَا، وَبَارِكْ لَنَا فِي مُدِّنَا)).
187. (ऐ अल्लाह! हमारे लिए हमारे फल में बरकत दे, हमारे लिए हमारे शहर में बरकत दे, हमारे लिए हमारे साअ़़ में बरकत दे और हमारे लिए हमारे मुद्द में (अर्थात नाप-तोल के पैमानों में) बरकत दे।) (1) ......................... (1) मुस्लिमः2/1000, ह़दीस संख्याः1373
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham