((ذَهَبَ الظَّمَأُ وَابْتَلَّتِ العُرُوقُ، وَثَبَتَ الْأَجْرُ إِنْ شَاءَ اللَّهُ)).
176. (प्यास चली गई, रगें तर हो गईं और अगर अल्लाह ने चाहा तो अज्र (सवाब) साबित हो गया।) (1) ................................. (1) अबू दाऊदः2/306, ह़दीस संख्याः2369 आदि, देखिएः सह़ीहुल-जामेः4/209
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham