((اللَّهُمَّ اسْقِ عِبَادَكَ، وَبَهَائِمَكَ، وَانْشُرْ رَحْمَتَكَ، وَأَحْيِي بَلَدَكَ الْمَيِّتَ)).
171.(ऐ अल्लाह! अपने बन्दों और अपने चोपायों को पानी पिला، अपनी रह़मत को फैला दे और अपने मुर्दा शहर को ज़िन्दा कर दे।) (1) ................................. (1) अबू दाऊदः1/305, हदीस संख्याः1178, और शैख़ अल्बानी ने इसे ह़सन कहा है, सह़ीह़ अबू दाऊदः1/218
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham