([بِسْمِ اللَّهِ] اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْخُبْثِ وَالْخَبائِث).
10. ([अल्लाह के नाम के साथ] ऐ अल्लाह! मैं ख़बीसों और खबीसनियों (नर और मादा शैतानों) से तेरी पनाह चाहता हूं।) (1) .................... (1) बुखारीः1/45, हदीस संख्याः142, मुस्लिमः1/283, हदीस संख्याः375, शुरू में (बिस्मिल्लाह) की वृद्धि 'सुनन् सईद बिन मन्सूर' में है। देखिएः फ़त्ह़ुल-बारीः1/244
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham