((اللَّهُمَّ اغْفِرْ لَهُ، اللَّهُمَّ ثَبِّتْهُ)).
164. (ऐ अल्लाह! इसे माफ़ कर दे, ऐ अल्लाह! इसे साबित क़दम रख।) (1) ............................ (1)रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब मुर्दे को दफ़न करने से फ़ारिग़ होते तो उसके पास ठहर कर फ़रमातेः(अपने भाई के लिए अल्लाह से बख़्शिश मांगो और इसके लिए साबित क़दम रहने की दुआ करो, क्योंकि अब इससे सवाल किया जाएगा।) अबू दाऊदः3/315, हदीस संख्याः3223, ह़ाकिम ने इसे रिवायत करके सह़ीह़ कहा है और ज़ह्बी ने भी इस पर सहमति व्यक्त की है। 1/370
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham