((أَسْأَلُ اللَّهَ الْعَظيمَ رَبَّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ أَنْ يَشْفيَكَ)) (سبع مرات).
148. (मैं बड़ी अ़ज़मत वाले अल्लाह से जो अर्शे अज़ीम का रब है सवाल करता हूं कि वह तुझे शिफा दे।) (सात बार) (1) ........................... (1) कोई मुसलमान ऐसे मरीज़ की बीमार पुर्सी करे, जिसकी मौत का समय न आ पहुंचा हो और सात बार यह दुआ पढ़े तो अल्लाह के ह़ुक्म से उसे शिफ़ा मिल जाती है।) तिर्मज़ी ह़दीस संख़्याः2083, अबू दीऊद ह़दीस संख्याः3106,और देखिएः सह़ीह़ तिर्मिज़ीः2/210 और सह़ीह़ुल-जामेः5/180
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham