[ (يَنْفُثُ عَنْ يَسَارِهِ (ثلاثاً)) - (يَسْتَعِيذُ بِاللَّهِ مِنَ الشَّيطَانِ وَمِنْ شَرِّ مَا رَأَى (ثَلاَثَ مَرَّاتٍ)) - ((لاَ يُحَدِّثْ بِهَا أَحَداً)) - ((يَــتَحَوَّلُ عَنْ جَنْبِهِ الَّذِي كَانَ عَلَيْهِ)) ]
114. (अपनी बायीं ओर थूके।) (तीन बार) (1) (शैतान और अपने इस ख़्वाब की बूराई से अल्लाह की पनाह मांगे। (तीन बार) (2) (यह ख़्वाब किसी को न सुनाए।) (3) (जिस पहलू पर लेटा हो उसे बदल दे।) (4) .............................. (1) मुस्लिमः4/172, ह़दीस संख्याः2261 (2) मुस्लिमः4/172,1773 ह़दीस संख्याः2261,62 (3)मुस्लिमः4/172, ह़दीस संख्याः2261,63 (4)मुस्लिमः4/173, ह़दीस संख्याः2261
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham